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पन्नों पर शब्द सम्मेलन...

हमारा लक्ष्य लेखकों को प्रकाशन की समस्याओं से छुटकारा दिलाना है। सत्य तो ये है लेखक पन्नों पर शब्दों से ऐसा संसार रच सकता है जो कल्पना से भी परे हो सकता है और उसे वो ही काम करना चाहिए। इसीलिए हमारी टैग लाइन है— पन्नों पर शब्द सम्मेलन... देश में अभी हजारों प्रकाशक आ गए हैं सभी बहुत सस्ते में पुस्तक प्रकाशन का सपना लेखकों को दिखाते हैं। बहुत से लोग अच्छा काम भी कर रहे हैं। बहुत से लोग अच्छा काम कर सकते हैं लेकिन उनको इसका अनुभव नहीं फिर भी करते हैं, और बहुत से अनुभव होने पर भी लेखकों की समस्याओं से अवगत नहीं हो पाते क्योंकि उनको अपने लाभ से ज्यादा मतलब है किसी के सपनों से नहीं। लेखकों की कुछ समस्याएं जो हमें मालूम है क्योंकि हमारे संस्थापक स्वयं लेखक है और वो प्रोफेशनली 23 सालों से स्कूल की पुस्तकों के निर्माण का काम अपनी जॉब के अंतर्गत विश्व के सभी टॉप पब्लिशर का काम किया है। Pearson, कैंब्रिज, और ऐसे ही अनेक पब्लिशर की पुस्तकें बनाने का कार्य वो भी 23 साल से अधिक करना मतलब अनुभव का अभाव हो ही नहीं सकता। हमारे संस्थापक स्वयं स्कूल समय से लिखते रहे हैं और उसी के प्रकाशन के लिए अनेकों प्र...

प्रतियोगिता #15 गांधी दर्शन की प्रासंगिकता

प्रतिध्वनि साहित्य परिवार प्रतियोगिता दिवस :-शनिवार दिनांक:-3/10/2020 विषय:-वर्तमान गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता। ***********************( 🙏वर्तमान गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता🙏 **************************  देशभक्तों की श्रेणी में सबसे प्रथम स्थान पर  कहे जाने वाले अपने राष्ट्रपिता को कौन नही जानता है। अपने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास  के पटल पर अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की  एक अलग छवि ही अंकित थी। जो सत्य,अहिंसा  और प्रेम से परिपूर्ण थी। गाँधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था।एक जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।इनके पिता का नाम करमचंद  गांधी और माता का नाम पुतली बाई था। इनका पूरा जीवन प्रेम, अहिंसा और सत्य का  संगम रहा था। गाँधीजी के विचारों के दर्शनानुसार  अहिंसा के तीन लक्ष्य दिखाई देते है। गांधीवादी विचारों के अनुसार अहिंसक व्यक्ति ही  सत्य के दर्शन कर सकता है। सत्य और हिंसा में  कभी मिलाप हो ही नही सकता क्योंकि सत्य  हिंसा से कोशों दूर रहता है।  कोई भी प्राणी मात्र बिना अहिंसा के  प्रा...

प्रतिध्वनि साहित्य समूह प्रतियोगिता #14: चित्र आधारित रचना 26-09-2020 -- 27-09-2020

  ??? जुगल किशोर पुरोहित चित्र पहेली ---डॉ. छाया शर्मा चित्रलेखन सृजन कल्पना सिंह लड़की जो सबकी मौत का कारण जान सकती है। शशिलता पाण्डेय ??? ओम प्रकाश श्रीवास्तव 'ओम' "रक्तदान महादान" प्रीति कुमारी"अल्हड़" "रक्तदान है जीवनदान" रितु अग्रवाल चिकित्सक विशाल चतुर्वेदी "उमेश" ??? मीरा भार्गव सुदर्शना "रक्तदान ये है महादान" डॉ. दीप्ति गौड़ "दीप" रक्तदान लीलाधर कुम्हार कविता मीना जैन दुष्यंत "रक्तदान" मनोज बाथरे ???? प्रीति शर्मा "पूर्णिमा" रक्तदान महा दान गीतांजली वार्ष्णेय रक्तदान के फायदे ऋषि कुमार दीक्षित ??? जगदीश बेजान व्याख्याता हिन्दी रक्तदान महादान मीना सिंह “मीन” ??? - किसु राज रक्तदान अनिल कुमार मिश्रा   ??? सेवा भाव से ओतप्रोत हो  अपना धर्म निभाती है नर्स चिकित्सक सब मिल हमको सेहत लाभ दिलाते है कोरोना के मुख से हमको  खींच हाथ से ले आते है  चाहे कोई रोग किसी को तन मन से सेवा करते ये धरती के भगवान चिकित्सक  हर रोगी की आशा इनसे इन पर ही विश्वास हमारा  इन से ही है बचाव हमारा  साफ सफाई संग अनुशासन  प...