प्रतियोगिता #15 गांधी दर्शन की प्रासंगिकता
प्रतिध्वनि साहित्य परिवार प्रतियोगिता दिवस :-शनिवार दिनांक:-3/10/2020 विषय:-वर्तमान गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता। ***********************( 🙏वर्तमान गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता🙏 ************************** देशभक्तों की श्रेणी में सबसे प्रथम स्थान पर कहे जाने वाले अपने राष्ट्रपिता को कौन नही जानता है। अपने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के पटल पर अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक अलग छवि ही अंकित थी। जो सत्य,अहिंसा और प्रेम से परिपूर्ण थी। गाँधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था।एक जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।इनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतली बाई था। इनका पूरा जीवन प्रेम, अहिंसा और सत्य का संगम रहा था। गाँधीजी के विचारों के दर्शनानुसार अहिंसा के तीन लक्ष्य दिखाई देते है। गांधीवादी विचारों के अनुसार अहिंसक व्यक्ति ही सत्य के दर्शन कर सकता है। सत्य और हिंसा में कभी मिलाप हो ही नही सकता क्योंकि सत्य हिंसा से कोशों दूर रहता है। कोई भी प्राणी मात्र बिना अहिंसा के प्रा...