Posts

Showing posts from June, 2020

प्रतिध्वनि साहित्य समूह प्रतियोगिता "जून" प्रथम सप्ताह

प्रतिध्वनि साहित्य समूह प्रतियोगिता प्रथम सप्ताह  दिवस:   शुक्रवार  विधा:  लघुकथा  विषय:   मुलाक़ात एक अजनबी  से  _________________________________________________________________________________ 1   आत्मीय प्रेम की मिसाल आत्मीय प्रेम की मिसाल-  दादी सास-पार्वती देवी जैसलमेरिया  यह किसी विद्वान का उद्धृत नहीं है मेरा अनुभव है 'प्रेम पसंद नहीं है मेरे साथ घटित घटना जानिए-लेखन और कविता की शुरुआत से ही मेरे चाव के विषय थे लेकिन आम भारतीय नारी होने से अपनी रूचि को नियमित नहीं कर पाती थी! परिवार की  जिम्मेदारियों  में काफी समय निकल जाता था! शादी के बाद से मेरी दादी-सासुजी से मेरा एक आदर्श रिश्ता मात्र था जिम्मेदारियों  से समय निकाल जब मैंने अपना लेखन नियमित किया तो परिवार में सिर्फ उनका संबल और विश्वास मिला, पढ़े लिखे नहीं होने पर भी मेरे लेखन को बहुत रूचि से सुनती और बस सिर्फ सुनती ! ना जाने उनको सुनाते सुनाते ही मुझे मेरे लेखन को गुणित करने का सुझाव सूझ जाते ! सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता उनके साथ ! जैसे वो...

प्रतिध्वनि हिन्दी साहित्यिक पत्रिका, जून, 2020

Image
मात-पिता मेरे शिव शक्ति मात-पिता मेरे शिव शक्ति यह दोनों मेरे समाज सम्मान  इनके बिना क्षण भर जीवन ना दोनों ही आत्मा महान मात-पिता मेरे शिव और शक्ति  यह दोनों मेरे समाज सम्मान  इनका एक क्षण भर सुख मेरे लिए है स्वर्ग समान इनकी सेवा में तत्पर रहना यही है मेरे कर्मों पर जान मात-पिता मेरे शिव और शक्ति यह दोनों मेरे परमानंद  छाया इनकी जो मुझ पर है  मेरी यही सर्वोपरि पहचान  भगवान से पहले इनको पूजूं यही है मेरे दो प्रभु महान  मात-पिता मेरे शिव और शक्ति यह दोनों मेरे समाज सम्मान एक अभिलाषा मन भर की यह  बनी रहे इनकी आन और शान हर जन्म मे बने ये मात पिता मेरे  और मैंं बनू इनकी संतान  मात-पिता मेरे शिव और शक्ति यह दोनों मेरे समाज सम्मान कविराज भट्ट नई दिल्ली शिवशंकर स्तुतिगान शीश शशिधर गंग शोभित, शर्व शंभु सुरेश,  शिव शुभंकर सौम्य शंकर, शेष शैव्य महेश।  शंकरा शत शांकरी शुभ, शत्रुदमन शिवाय,  शक्ति शाश्वत शीर्ष शैवी, शील अति शोभाय। -1 भूत भैरव भद्र भोले, भार्गवी भरतार,  भाललोचन भूतवानी, भव्य भव भंडार।  भीम भीषण भीति भंजन, भावता...