प्रतिध्वनि साहित्य समूह प्रतियोगिता #14: चित्र आधारित रचना 26-09-2020 -- 27-09-2020

 


???

जुगल किशोर पुरोहित

चित्र पहेली

---डॉ. छाया शर्मा

चित्रलेखन सृजन

कल्पना सिंह

लड़की जो सबकी मौत का कारण जान सकती है।

शशिलता पाण्डेय

???

ओम प्रकाश श्रीवास्तव 'ओम'

"रक्तदान महादान"

प्रीति कुमारी"अल्हड़"

"रक्तदान है जीवनदान"

रितु अग्रवाल

चिकित्सक

विशाल चतुर्वेदी "उमेश"

???

मीरा भार्गव सुदर्शना

"रक्तदान ये है महादान"

डॉ. दीप्ति गौड़ "दीप"

रक्तदान

लीलाधर कुम्हार

कविता

मीना जैन दुष्यंत

"रक्तदान"

मनोज बाथरे

????

प्रीति शर्मा "पूर्णिमा"

रक्तदान महा दान

गीतांजली वार्ष्णेय

रक्तदान के फायदे

ऋषि कुमार दीक्षित

???

जगदीश बेजान व्याख्याता हिन्दी

रक्तदान महादान

मीना सिंह “मीन”

???

- किसु राज

रक्तदान

अनिल कुमार मिश्रा


 

???


सेवा भाव से ओतप्रोत हो 

अपना धर्म निभाती है

नर्स चिकित्सक सब मिल

हमको सेहत लाभ दिलाते है


कोरोना के मुख से हमको 

खींच हाथ से ले आते है 

चाहे कोई रोग किसी को

तन मन से सेवा करते ये


धरती के भगवान चिकित्सक 

हर रोगी की आशा इनसे

इन पर ही विश्वास हमारा 

इन से ही है बचाव हमारा 


साफ सफाई संग अनुशासन 

पहनावा भी श्वेत है सादा 

आधा जीवन अस्पताल में

आधा जीवन पर सेवा में


रातों की नींद है बाकी 

रोगी की सेवा भी बाकी

ऐसे सेवा के पेशे को 

चिकित्सा सेवा परहित 

पूरा जीवन उज्जवल 

इनका इनको नमन 

हमारा है। 


जुगल किशोर पुरोहित

 बीकानेर 

राजस्थान 

चित्र आधारित रचना 






26/9/2020


चित्र पहेली 

मिलजुल कर हम आगे बढ़ें 

स्वास्थ्य की रक्षा पहले करें l

 रौनक बढ़े, चमक बढ़े 

दम दम चेहरा दमक उठे ll 


मन में चिंता कभी न करें

हँसते हंसाते रोग भगें l 

खिला हुआ चेहरा मन में बसे 

चेहरे पर ताजगी रहे ll 


काले, गोरे का भेद न हो 

जाति पांति का भेद न हो l 

देश का नाम हम रोशन करें 

स्वच्छता का है ध्यान रखें ll 


वृद्ध, युवा और साथी सभी

 सांत्वना देकर आगे बढ़ें l 

हंसती छवि मन को मोहती 

हँसकर सबका सम्मान करें ll 


परिवार का ख्याल रखें 

तन, मन धन से सुरक्षित रहे l

हँसना है जीवन की गति 

स्वस्थ होवें और आगे बढ़ें ll 


प्रभु फरिश्ता चिकित्सक  है बना 

दिल से उसका सम्मान करें l 

मिल के चले, मिल के चले 

कभी किसी से बैर न करें ll 

 ---डॉ. छाया शर्मा

अजमेर 

राजस्थान






चित्रलेखन सृजन

विधा- स्वतंत्र


जीवन के पतझड़ में रक्तदान फूलों की क्यारी है,

तुम भी रक्तदान करो रक्तदान मौत पर भारी है।

है जात पात इंसानों में  रक्त की कोई जात नहीं,

 बचा लो तुम प्राण किसी का इससे अच्छी कुछ बात नहीं।

बहते आंसू वाले चेहरे पर ए वीर तुम मुस्कान धरो,

व्यर्थ ना जाएगी तेरी नेकी तुम अपनी सोच बलवान करो।

रक्तदान करो रक्तदान करो रक्तदान करो।


कल्पना सिंह 

अलीगढ़ (उ.प्र.)








लड़की जो सबकी मौत का कारण जान सकती है।

*************************************

इस धरती पर बचाना, 

  किसी की जिंदगी!

  काम होता उस डॉक्टर,

  स्त्री या पुरूष का!

जिसे कहते धरती का भगवान,

  जाने बचाते रहे है कितनो की जान?

  सबकी मौत कारण भी!

   वो जान सकते है,

 जो लड़की किसी की भी मौत का,

  कारण जान सकती है!

   "वो शायद एक डॉक्टर ही है",

 जान पर खेलकर देते है सबको।

  एक नई फिर से जीने की शक्ति,

   हम तो करेंगे धरती के!

 भगवान की भक्ति,

बचाते  चिकित्सा के बल पर जान!

 जगाते है हर दिलो में,

  जीने का अरमान!

   संक्रामक महामारी,

 कोरोना से सभी बेहाल!

 बहुत संकट और कठिनाईयों का काल,

   स्त्री या पुरुष डॉक्टर!

   करते चिकित्सा सेवा,

बचाते है सबकी कीमती!

    जान कोरोना से,

  एक लड़की जो एक डॉक्टर है सबकी!

    जिन्दगी और मौत का,

 कारण  जान सकती है!

   एक लड़की जो सबको,

   अपना मान सकती है!

  अपनी जान पर खेलकर,

दूसरो की बचाती जान!

  सारी  दुनियाँ में महान,

 उसी को कहते है भगवान!

 जो सभी की जिंदगी बचा सकती है!

मौत का कारण बता सकती है!

**********************

  स्वरचित और मौलिक

    सर्वाधिकार सुरक्षित

   लेखिका:-

शशिलता पाण्डेय






???


एक दिन बैठा सोच रहा था क्या होते हैं देवदूत,

 तभी अंतर्मन ने दी तेज आवाज।


 जो धारण करते स्वच्छ सफेद वस्त्र और मास्क

रहे सेवा में तत्पर निशदिन, करते मानव का इलाज।

 पीड़ा जिसकी भी देखी तुमने, पहुंचे उसके पास

 धनी हो या हो लाचार, करते सब का इलाज।


एक दिन बैठा सोच रहा था क्या होते हैं देवदूत,

 तभी अंतर्मन ने दी तेज आवाज।

तुम धन्वंतरि के शागिर्द,हरते रोगी का त्रास।

 रोगी रोग से चाहे निदान ना छुपाए कोई राज,

शतप्रतिशत देकर करते ,रोग मुक्ति का प्रयास।

करने रोगी को जल्द स्वस्थ, रहते खुशमिजाज।


एक दिन बैठा सोच रहा था क्या होते हैं देवदूत,

 तभी अंतर्मन ने दी तेज आवाज


रोग कितना भी हो भीषण, ना होते कभी हतास

रोगी को हो पूर्ण आराम, करते हैं वह सारे काज।

तप रहा हो सूरज, सर्दी, या हो भीषण बरसात,

लगे रहते हैं सेवा में सबकी,छोड़ के सारे  स्वकाज।


एक दिन बैठा सोच रहा था क्या होते हैं देवदूत,

 तभी अंतर्मन ने दी तेज आवाज।

पुस्तको में पढ़ा थादेवदूतों को, पर ना था पूर्ण विश्वास। 

कह 'ओम' देखकर ,डॉक्टरों के इतने सुंदर काज।

 मैं समझ गया हूं जान गया हूँ, मन में है पूर्ण विश्वास।

डॉक्टर ही होते हैं देवदूत ,मान ले यह सारा समाज।।


रचनाकार:- 

ओम प्रकाश श्रीवास्तव 'ओम'

कानपुर नगर






"रक्तदान महादान"


आज रक्तदान दिवस है । डॉक्टर सुनीता और डॉक्टर अनमोल जिस ब्लड बैंक में काम करते है वहा आज अनेक दाता आए है अपना रक्त दान करने ।

दोनों अपना काम ज़िम्मेदारी से निभा रहे हैं और दाताओं का उत्साह वर्द्धन भी कर रहे है । 

डॉक्टर सुनीता रक्तदान के फायदे बता रही और आभार प्रकट कर रही है । साथ ही डॉक्टर अनमोल भी सभी दाताओं के साथ रक्तदान महादान के कुछ बारे में जानकारी दे रहे हैं । सभी आए हुए  रक्त दाता खुश है कि वह इस का हिस्सा बने और इससे बहुत सारे लोगो की जान बचाई जाएगी । 

दाताओं और डॉक्टर का सहयोग इस दिन अपनी अहम भूमिका निभाता नज़र आ रहा है ।


प्रीति कुमारी"अल्हड़"






"रक्तदान है जीवनदान"


रश्मि और शीतल बहुत अच्छी सहेलियाँ थीं। उनके पति भी आपस में अच्छे मित्र थे। दोनों परिवारों में घनिष्ठ मित्रता थी ।दोनों के बच्चे भी बराबरी के थे तो आपस में खूब खेलते थे। शीतल और उसका पति, श्याम कई समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े हुए थे। वे समय-समय पर अनाथाश्रम , वृद्धाश्रम में दान  और रक्तदान करते रहते थे। शीतल, रश्मि और उसके पति राज को भी समझाती कि तुम लोगों को भी रक्तदान करते रहना चाहिए। राज का ब्लड ग्रुप 'ओ नेगेटिव' ( o-) था तो शीतल कहती कि यह बहुत ही मुश्किल से मिलने वाला रक्त समूह है और यदि राज, रक्तदान करेगा तो किसी मरते हुए इंसान की जिंदगी बचाई जा सकती है। इस बात पर राज कहता ," खून देने से कमजोरी आ जाती है तो क्यों व्यर्थ अपना समय और ऊर्जा बर्बाद करना।"

शीतल और श्याम उन्हें समझाते कि पढ़े-लिखे समझदार इंसान होकर भी तुम ऐसी बातें करोगे, तो कैसे काम चलेगा? एक स्वस्थ व्यक्ति , निश्चित मात्रा में, नियत समयांंतराल पर , नियमित रूप से, रक्तदान कर सकता है और इससे कोई कमजोरी नहीं आती।"पर रश्मि और राज इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते थे। 

एक दिन राज, ऑफिस जाने के लिए ,सड़क पर बस का इंतजार कर रहा था। तभी एक तेज गति से आती हुई कार ने , उसे टक्कर मार दी और वह उछलकर दूर जा गिरा। कुछ समय बाद, रश्मि के पास अस्पताल से फोन आया। रश्मि बदहवास सी अस्पताल के लिए दौड़ी। उसने शीतल को भी सूचना दे दी ।जब वे लोग अस्पताल पहुँचे तो डॉक्टर ने कहा,"राज का बहुत खून बह गया है और उसे खून की सख्त जरूरत है पर उनके अस्पताल के ब्लड बैंक में 'ओ नेगेटिव' रक्त उपलब्ध नहीं है। इसलिए आप जल्द से जल्द खून का इंतजाम करें।"

रश्मि ने कुछ और अस्पतालों में भी पता लगाया पर  वहाँ से भी निराशा ही हाथ लगी। शीतल और श्याम ने भी अपनी सभी सहयोगी संस्थाओं और अपने जान- पहचान वाले लोगों को फोन लगाकर, 'ओ नेगेटिव' खून का इंतजाम करने की विनती की। कुछ ही समय में शीतल के सहकर्मी का, एक मित्र रक्तदान करने के लिए वहाँ आ गया और उसके रक्तदान से , राज की जान बच सकी। धीरे-धीरे राज के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। एक दिन जब शीतल और श्याम, उससे मिलने के लिए अस्पताल आए तब राज ने कहा," शीतल, जब मुझ पर मुसीबत आई तब मुझे एहसास हुआ। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूँ और आज से, मैं वादा करता हूँ कि मैं नियमित रूप से ज़रूर रक्तदान करूँगा क्योंकि नियमित रक्तदान से मुझे कोई हानि नहीं होगी पर कई जिंदगियाँ , मौत के मुँह से वापस आ सकेंगी और कई परिवार बिखरने से बच जाएँगे।"

जब राज पूरी तरह ठीक हो गया तो वह और रश्मि भी नियमित रूप से रक्तदान करने लगे और अब वे अपने साथ-साथ, दूसरों को भी, अपनी आपबीती से मिली शिक्षा की कहानी सुना कर, रक्तदान के लिए प्रेरित करते थे।


रितु अग्रवाल 

बेंगलुरु (कर्नाटक)







चिकित्सक 


जीवनदाता , 

सब कष्ट मिटाता , 

है चिकित्सक । 


धैर्य  बढ़ाता , 

सबके काम आता , 

है चिकित्सक । 


मुस्कान बिखेरे  , 

उपचार करता , 

है चिकित्सक । 


फर्ज निभाता , 

देवों में पूजा जाता , 

है चिकित्सक । 


विशाल चतुर्वेदी "उमेश"

vis26div@gmail.com






???


हंसते और हंसाते रहिये ।

रोगों को दूर भगाते रहिये ।

धूप छाँव से जीवन में 

सुख दुख आते जाते हैं ।

हिम्मत से हम करें सामना 

हर उलझन को सुलझाते हैं  ।

रोग बीमारी आई है तो 

आज नहीं कल जाएगी ।

ईश्वर पर हम करें भरोसा 

मंजिल हम तक आएगी ।

लेटे लेटे बिस्तर पर भी 

गीत प्रभु के तुम गाना ।

नहीं असम्भव जग में कुछ भी

सबको यह विश्वास दिलाना ।

देवी जैसी नर्स खड़ी है ।

हिम्मत इसकी बहुत बड़ी है ।

सेवा सबकी करती है ।

हिम्मत सबको देती है ।

लाइन लगी है बीमारों की

समझ रही है ज़िम्मेदारी ।

माँ जैसी लगती है सबको 

मुस्कान लिए  ममता देती है ।


मीरा भार्गव सुदर्शना

कटनी मध्यप्रदेश








"रक्तदान ये है महादान"


करें रक्तदान, करें रक्तदान, 

मानवता की सेवा, कार्य है महान ।

रक्तदान…. ये है महादान ।

रक्तदान…. ये है महादान ।

1.जैसे बूंद- बूंद से,सागर बन जाते ।

रज के पावन कण से, प्राणी मुस्कुराते ।

नस- नस में कर दो,तुम प्राण का संधान।

रक्तदान…..ये है महादान ।

2. फैली है ये महामारी, जग में अपार ।

कोरोना से न डरो, हो ना लाचार ।

रक्तदान से बचा लो, होगा कल्याण । 

रक्तदान…..ये है महादान ।

3.रक्तदान करने में,रखो ना कोई भ्रम ।

रक्त के आधान से, खून नहीं होगा कम । 

ज़िन्दगी बचाने का है,महाअभियान।

रक्तदान…..ये है महादान ।


डॉ. दीप्ति गौड़ "दीप" 

ग्वालियर मध्यप्रदेश






रक्तदान


रक्तदान का लगा शिविर है ।

मानव-सेवा की चली लहर है ।।

स्वेच्छापूर्वक  आते  लोग ।

रक्तदान का पुण्य प्रयोग ।।

आयी है चेतना जनता में ।

दया धर्म व्यवहारिकता में ।।

डॉक्टर नर्स लगे हैं सारे ।

खुशी-खुशी सब कार्य संभाले ।।

ये धन्वंतरि अश्वनीकुमार हैं ।

बड़े ही कुशल होशियार हैं ।।

स्वास्थ्य के रक्षक योद्धा हैं ।

सेवा  से  गहरा  नाता है ।।

बीमारी  को  दूर  भगाते ।

मरीज की जिंदगी सँवारते ।।

रक्त समूह के कई प्रकार ।

इसीलिए समस्याएँ हजार ।।

रक्तदान से रक्त संग्रहित ।

'ब्लड बैंक' में रखते सुरक्षित ।।

जैसी जिनकी आवश्यकता ।

यथा समय सबको मिल जाता ।।

रक्तदान  के  कार्य  महान ।

अनुकरणीय सुंदर आयोजन ।।

ऐसा  शिविर  लगे  सर्वत्र ।

स्वस्थ समाज का यही है मंत्र ।।


 


लीलाधर कुम्हार

जिला - बलौदाबाजार

राज्य - छत्तीसगढ़







कविता

चाहे  लोग भूल गए सारे रिश्ते। 

रिश्ता नहीं बदला तुम्हारे वास्ते।

हम सब कहते आपको सिस्टर। 

चाहे कोई कितना भी हो कट्टर।


 आप हम सबकी प्यारी -सी नर्स। 

निभाती हर समय अपना  फर्ज ।

हम चुकाएंगे कैसे आपका कर्ज 

बनाया सेवा को ही आपना धर्म ।


बन परिचारिका धर्म निभाती हो। 

सर्वहित में स्वहित भूल जाती हो। 

आपकी  मुस्कान  दर्द मिटा देती।

आप महामारी को दूर भगा देती ।


 माँ ,दीदी,बहन हो आप हमारी।

 आपके हाथों दूर होती बीमारी। 

 देती है आप शिक्षा और सुरक्षा।

तहे दिल सेआभार हम सभी का।


स्वास्थ्य रक्षक हो आप  हमारे।

रुग्ण होने पर ही आपको पुकारे।

घर पर नहीं ठहरा वो महामारी में।

जान बचाता था हमारी बीमारी में।


कोख से मृत्यु तक साथ निभाता।

न मालूम कैसा नाता बन जाता।

जीवन सौंप उसेभगवान समझते।

हर चमत्कार की उम्मीद उसी से करते।

पर न जाने उस भगवान को हम।

शुभ कार्य में बुलाना भूल जाते।

मीना जैन दुष्यंत

 भोपाल








"रक्तदान"


हो ऐसी खुशियां

सभी के आनन पर

रहें सब सदा

स्वस्थ और खुशहाल

ऐसा ही कुछ

बनाया जाए माहौल

करें हम सब 

एक दूसरे की मदद

करके अपना

कुछ कीमती 

रक्त का करके दान

होगी किसी की जिंदगी

तुम्हारी रक्त की बूंदों से

पुनः चलायमान

देगा वो सदा

स्वस्थ और खुशहाल

रहने का वरदान।।


मनोज बाथरे 

चीचली जिला नरसिंहपुर मध्य प्रदेश








????


अब लगी हैं

सबकी निगाहें

चातकों की माफिक। 

आज वो ही हैं ईश्वर हमारे

हारे के सहारे,सफेद कोट वाले

सुरक्षा कवच में लिपटे

कहीं नीले तो कहीं हरे रंग में

भागदौड़ कर जुटे जा रहे, 

दिन-रात साथ निभारहे

नर्सिंग स्टाफ वाले।। 


दोहरे कर्तव्य पथ पर 

खाकी वाले भी हैं डटे हुये। 

कोरोना से लड़ते,व्यवस्था बनाते

समझाते-बुझाते वापिस भेजते

बांट रहे जरूरत का सामान

देते सुरक्षा का पैगाम।।


सभी कर रहे हैं अपने-अपने

मन-वचन-कर्म से सहयोग। 

आओ हम करें प्रार्थना

मां काटे सब रोग।।

****


प्रीति शर्मा "पूर्णिमा"

26/09/2020








रक्तदान महा दान

**************

करे जो दान ,है महान,

दानों में दान रक्त दान।

देकर लहू के कुछ कतरे,

बच जाती है एक जान।

 खा पीकर फिर रक्त बढेगा,

व्यर्थ पड़ा तन में,मच्छर पान करेगा।

तेरे रक्त बूंदों से मिलेगा जीवन दान।

वक्क्त का कर ले सम्मान,

क्या पता काम आए कभी तेरा ही रक्त दान।

शहर में एक शिविर लगा था,

चल रहा रक्तदान का अभियान।

सोचा कुछ तो नेक काम करें,

करें हम भी एक यूनिट रक्तदान।।

पहुँच हमने भी दान किया,

मौसम्मी का जूस पीया,

पाया बहुत सम्मान।।

तन ने भरपाई करली थी,

दो दिन में  इच्छा भर ली थी

भूल गए किया था रक्तदान।

बेटा,छुट्टी लेकर आया था,

मस्ती मैं स्कूटी चला रहा नादान।

गड्ढे में स्लिप हो गया,

 बीच से सर फट गया।

ये क्या हो गया भगवान।।

हॉस्पिटल से फोन था आया,

जल्दी से दो यूनिट रक्त मंगवाया।

घंटे में रक्त मिलना जरूर था,

घर से अस्पताल दूर था।

दान दिया रक्त काम आया,

खोया बेटा हमने पाया।

आभारी था उस दानी का किया था जिसने रक्त दान।

मैंने भी कसम ली,करूँगा पूरा ये उपकार,

हर बर्ष करूँगा रक्तदान।।


गीतांजली वार्ष्णेय








रक्तदान के फायदे


रक्तदान महादान होने के साथ ही, रक्तदाता के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। रक्तदान के विषय में सही जानकारी हो जाए तो स्वत: ही रक्तदान करने की भावना जागृत होगी। जिस प्रकार बहता हुआ (चलायमान) नीर,  स्वच्छ और पीने योग्य होता है, उसी प्रकार शरीर में रक्त को स्वच्छ और शुद्ध बनाने हेतु, पुराने रक्त का स्थान बदलना जरूरी है, नहीं बदलने पर 120 दिनों में पुराना रक्त बेकार होकर शरीर में अशुद्धियां उत्पन्न करता है (जो लोग कड़ी मेहनत नहीं करते)। इस प्रकार से रक्त का बर्बाद करना किसी के लिए फायदे का सौदा नहीं। इसलिए जो स्वस्थ हैं उनको समय-समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए। रक्तदान से शरीर में, रक्त परिसंचरण बहुत ही आसानी से  होता है, शरीर में रक्त परिसंचरण होने से फायदे, हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है, जिनका अधिक वजन है, उनको वजन कम करने में मदद मिलती है, शरीर में एनर्जी- स्फूर्ति आती है, लिवर से जुड़ी हुई समस्या से निजात मिलती है और भी कई फायदे है। जो भी व्यक्ति रक्तदान करता है, भविष्य में उसको कभी भी आपातकाल में जरूरत पड़ने पर रक्त आसानी से प्राप्त हो जाता है। रक्तदान, महादान है, क्योंकि यही एक जरिया है जो रक्त की कमी के कारण, किसी की जान बचा सकता है। एक रक्तदान से दूसरे रक्तदान में 120 दिनों का समय अंतराल होना जरूरी है और जो स्वस्थ है वही रक्तदान कर सकता है, पूरी जांच-पड़ताल के बाद रक्तदान कराया जाता है,  इस प्रकार जो रक्तदान करता है, उसको यह पता चल जाता है कि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ है।

आजकल खानपान की स्थिति ठीक न होने के कारण अधिकांश जन को रक्त संबंधी विकार पैदा हो रहे है।  रक्त अशुद्ध होता जा रहा है या रक्त की शरीर में कमी होती जा रही है। रक्त की वजह से अनेक प्रकार की बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है। भारत में कुल आबादी का लगभग 1%, लोग रक्त की कमी से ग्रस्त हैं। 1% लोगों में से केवल 75-80% लोगों को ही रक्त की पूर्ति हो पाती है।ऐसे में सही मात्रा में रक्तदान ना होने के कारण कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता।

हमको कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए, रक्तदान करने से पहले भोजन किया होना चाहिए और जब हम रक्तदान करलें तब 3 दिन तक कोई भी भारी कार्य ना करें और संतुलित आहार लें। इन 3 दिनों में ही शरीर में रक्त की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जो लोग 3 दिन तक डॉक्टर के बताए अनुसार, आराम और संतुलित आहार नहीं करते, उनको कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है, और जब वह दूसरों को बताते हैं तो अन्य लोग उसका गलत मतलब निकाल लेते हैं। सभी स्वस्थ मनुष्य जिनकी उम्र सीमा 17-65 वर्ष तक, को चाहिए कि वह एक बार रक्तदान अवश्य करके स्वयं अनुभव करें, बार-बार करने का मन करेगा।


ऋषि कुमार दीक्षित 

एटा, उत्तर प्रदेश







???

रक्तदान कर देना भैया, मदद मिलेगी लोगों को  ! 

भारत में इम्युनिटी पावर, दूर कर रही रोगों को  !! 

1. पहली बार भयावह कोरोना बीमारी देखी, 

दवा और दुआ अब नहीं काम देतीहै  ! 

हाल में भी सावधानी  रखनी पडेगी तुम्हें, 

ये बीमारी संयम का इम्तिहान लेती है  ! 

चेहरे पै लगाओ मास्क दूरी भी बनाये रक्खो, 

कभी ये बीमारी फिर पास नहीं आयेगी  !! 

सुबह शाम उपयोग गर्म पानी का करो ना, 

तो कोरोना की बीमारी फटाक भाग जायेगी  !! 

   सुबह सवेरे जल्दी उठकर, ध्यान भी रखना योगों को  ! 

    रक्तदान कर देना भैया,मदद मिलेगी लोगों को!! 


2. देवतुल्य डाक्टर हैं नर्स भी बनी हैं रक्षक, 

रक्तदान करके भी मरीजों को बचाइए  ! 

मरीजों की मदद करेंगे दिल खोलकर के, 

आज इस बात की सपथ आप खाइये!! 

कोरोना का काल पर अच्छा रहे हालचाल, 

करो नमस्कार पर हाथ न मिलाइए  ! 

लेन- देन के लिए हाज़िर हों यदि बैंक में तो, 

बने हुए गोलों में ही पंक्तियाँ बनाइये  !! 


     सरकारें गर मदद नहीं दें तो भुगतेंगे भोगों को! 

रक्तदान कर देना भैया मदद मिलेगी लोगों को  !! 

3. सतावर अशगंध गिलोय साथ झाडफूंक, 

सभी ही तरीके लोग खूब आजमा रहे  ! 

साबुन से धोते हाथ काढा भी पीते हैं साथ, 

कई लोग नीम और तुलसी भी चबा रहे  !! 

कैसा ये फैला है मर्ज लोगों पै चढ़ा है कर्ज, 

शादी वादी काम धंधे सभी बंद हो गये  ! 

रोजगार छोड़कर मजदूर घरों में हैं, 

मैंने जो बनाये वो उदास छंद हो गये  !! 

     कई हस्ती परलोक सिधारीं, कैसे सहें  वियोगों  को  ! 

     रक्तदान कर देना भैया, मदद मिलेगी लोगों को  !

भारत में इम्युनिटी पावर, दूर कर रही रोगों को  !! 


जगदीश बेजान व्याख्याता हिन्दी

भरतपुर ( राजस्थान) 












रक्तदान महादान


नई दिल्ली

27 सितम्बर 2020

रात्रि 10 बजे


आज सुबह मैं एम्स अस्पताल गयी थी| वहाँ किसी रिश्तेदार को रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी| डॉक्टर ने कहा कि उन्हें हर रोज कम से कम 2 बोतल रक्त चढ़ाना पड़ेगा| मैने सुना तो मुझे लगा इस मुश्किल समय में मुझे उनकी मदद करनी चाहिए| लेकिन घर में सभी ने मना किया कि इस समय अस्पताल जाना सही नहीं है क्योंकि ये कोरोना नामक बिमारी ने सभी जगह कहर फैलाया हुआ है| मैंने जब उन्हें ये समझाया कि जरूरत के समय किसी की मदद करना जरुरी है ताकि अगर कल को कभी किसी वजह से हम परेशानी में हो तो कोई हमारी भी मदद करने की कोशिश करेगा| मेरी बात घर में सभी ने समझी और मुझे अस्पताल जाने की और रक्तदान करने की सहमती दे दी| मैंने अस्पताल पहुँच कर रक्तदान करने की बात कही तो मेरे रिश्तेदार हैरान होकर मुझे देखते ही रह गए क्योंकि उनके अपनों ने भी इस मुश्किल समय में उनका साथ नहीं दिया था| डॉक्टर ने पहले मेरा कोरोना का टेस्ट किया और नेगेटिव आने के बाद ही उन्होंने मेरा रक्त लिया और इस तरह से मैंने आज किसी अपने की मदद की थी|


सच कहूँ तो बहुत ही अच्छा महसूस कर रही हूँ क्योंकि ये पहली बार था जब मैंने किसी को अपना रक्तदान किया था| इसके बदले में उन्होंने मेरे सिर पर हाथ रखकर मुझे ढेरों दुआएं दी थी| ये दुआएं बहुत कीमती होती हैं क्योंकि जब दवा भी काम नहीं करती उस वक़्त सिर्फ दुआ काम करती हैं| दूसरों की मदद करने से एक अजीब ही सुकून का एहसास होता है| बहुत अच्छा लगता है और मैं आज खुद से ही ये वादा कर रही हूँ हमेशा दूसरों की मदद करुँगी और इसी तरह पुण्य कर दुआएं लेती रहूंगी| 


मीना सिंह “मीन”








???

सुबह के 10:30 बज रहे थे,

डॉ पॉल और डॉक्टर सोफिया अस्पताल के रक्त कोष में मरीजों से रक्तदान करवा रहे थे।

अचानक एक मरीज ने हंसते हुए डॉ सोफिया से पूछा,

मैं यहां पहली बार रक्तदान करने आई हूं रक्तदान करने से क्या लाभ है और इसके फायदे बताएं, इस पर डॉ सोफिया ने हंसते हुए कहा रक्तदान एक ऐसा दान है जिससे बहुत लोगों की जिंदगी बचती है।

आपके द्वारा दिए गए रक्त से जिस व्यक्ति को भी रक्त की जरूरत हो उसे चढ़ाया जाता है, अगर कोई व्यक्ति की आकस्मिक दुर्घटना हो गई है और उसका अत्यधिक रक्त बह गया है और उसके कोई परिवार वाले मौजूद ना हो तो उस ग्रुप का रक्त यहीं रक्तकोश से जो आप लोग दान करते हैं नहीं चढ़ाया जाता है ताकि उनकी जान बच सके इस प्रकार आप लोग सभी पुण्य के भागी भी बनते हैं और दुनिया में किसी की जान बचाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।

इसके बाद हंसती हुई वह महिला ने डॉक्टर सोफिया का धन्यवाद किया और चेहरे पर एक आनंद की मुस्कान के साथ उसने रक्तदान पूरा किया।

दूसरी ओर डॉ पॉल भी एक पुरुष रक्तदाता के सवालों का जवाब प्रसन्नता पूर्वक देते है!

सवाल कुछ यूं था कि अगर अकस्मात उनकी दुर्घटना हो जाती है,तो क्या यहां से उनको उनका दिया गया रक्त ही मिलेगा या किसी और के द्वारा दान में दिया गया रक्त, तो डॉक्टर पाल ने प्रसन्नता पूर्वक कहा रक्त सभी एक जैसे होते हैं बस उनका ग्रुप और एंटीजन अलग प्रकार का होता है तो इस हिसाब से अगर हमने आपका दिया रक्त किसी और मरीज को दे दिया है तो किसी अन्य रक्तदाता कारक हम आपको देंगे और वह हम सारी चीजें जांच पड़ताल करने के बाद देते हैं!

इन सवालों को सुनने के पश्चात सारे रक्तदाता हर्षित मुद्रा में रक्तदान करते हैं!

रक्तदान अर्थात एक ऐसा दान जिससे किसी को जीवनदान मिल सकता है और हमारे संस्कृति में इसे महादान भी कहा गया है!

- किसु राज









रक्तदान

रक्तदान संसार में सबसे बड़ा दान है

एक इन्सान के इन्सानियत की पहचान है

रक्त से होता जीवन का निर्माण है

रक्त के बिना ये शरीर बेजान है 

रगों में जन्मदाता के रक्त का संचार है 

रक्त ही परिवार व खानदान का आधार है

रक्त दुनियां में अमूल्य अनमोल है

रक्त से बनता ये शरीर स्वस्थ सुडोल है 

रक्त की कमी से शरीर होता कमजोर है

पैसों का रक्त पर नहीं चलता जोर है

रक्तदान से रोगियों को मिलता जीवनदान है

रक्तदान संसार में सबसे........

 इन्सान के इन्सानियत........

रक्तदान से मानवता का होता कल्याण है

मानव से महामानव का होता निर्माण है

कितना उन्नत हो गया आज विज्ञान है

फिर भी रक्त का न कोई समाधान है 

रक्त की कमी से लोग गंवाते जान है

रक्तदान से बचते हजारों प्राण है

संसार में खून का रिश्ता ईश्वर बनाता है 

रक्तदान कर रिश्ता बनाना कहलाता महान है

रक्तदान संसार में सबसे......

एक इन्सान के इन्सानियत.....

अनिल कुमार मिश्रा

शास. पालीटेक्निक, कोरबा


Comments

Popular posts from this blog

प्रतियोगिता #08: गजेंद्र कुमार घोगरे

प्रतियोगिता #08- गीतांजली वार्ष्णेय “सूर्यान्जली’

प्रतिध्वनि समूह प्रतियोगिता #9: अनमोल पाती भाई/ बहन के नाम