प्रतियोगिता #08- श्री कमल कालु दहिया

मेंहदी तेरे नाम की


मेरे हाथों में सजी यह मेंहदी

बालमा लिखा इसमें नाम तेरा है

भिगी - भिगी पलके मेरी

तू आजा जल्दी पैगाम मेरा है।

किसको सुनाऊँ दिल की बात

तेरे बिन सिसकियों में शाम - सवेरा है।

मेरे हाथों में सजी यह मेंहदी,

बालमा लिखा इसमें नाम तेरा है।

देख रही हर घड़ी तेरी तस्वीर

तुझसे दूर मेरा अंजान बसेरा है।

मेरे हाथों में सजी यह मेंहदी

बालमा लिखा इसमें नाम तेरा है।

चाँद संग बिलखती हूँ, तारों संग इठलाती,

किस ठौर चलु, तेरे बिन यहाँ अंधेरा है।

मेरे हाथों में सजी यह मेंहदी

बालमा लिखा इसमें नाम तेरा है।

सूख रही यह पल - पल मेंहदी

मेरे लब्जों ने गीत राधा - श्याम उकेरा है।

मेरे हाथों में सजी यह मेंहदी

बालमा लिखा इसमें नाम तेरा है।


श्री कमल कालु दहिया

जोधपुर, राजस्थान

kaludahiya082001@gmail.com

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