प्रतिध्वनि हिन्दी साहित्यिक पत्रिका, जुलाई 2020


Comments

  1. "प्रतिध्वनि" साहित्यिक पत्रिका हिंदी जगत् में वह मशाल है जिससे ज्ञान की ज्योति हर क्षण प्रवाहित हो रही है ।इस पत्रिका द्वारा की जाने वाली साहित्यिक सेवा से हमारा देश और समाज रोशन हो रहा है।इसमें प्रकाशित रचनाएं कविता ,कहानी,लधुकथा,आलेख, आदि विद्याएं साकारात्मक गुणों से युक्त और युग की संवेदना को प्रकट करती हैं ।साहित्यिक जगत् में ऐसी पत्रिका का प्रकाशन बेहद सराहनीय है।"प्रतिध्वनि" की गूंज सभीके हृदय में गूंजती रहे और साहित्यिक सेवा में यह पत्रिका नित्य नये मानदंड के साथ कामयाबी हासिल करे।इन्हीं शुभकामनाओं के साथ प्रतिध्वनि पत्रिका से जुड़े सभी साहित्य सेवियों और सम्पादक मंडल को हार्दिक बधाई।मेरी रचना को पत्रिका में प्रकाशित करने हेतु
    सादर धन्यवाद।
    .....डॉक्टर सुनीता मंडल
    अध्यक्ष ,हिंदी विभाग
    काँचरापाड़ा कॉलेज
    कल्याणी विश्वविद्यालय
    कोलकाता, पश्चिम बंगाल।

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्रतियोगिता #08: गजेंद्र कुमार घोगरे

प्रतियोगिता #08- गीतांजली वार्ष्णेय “सूर्यान्जली’

प्रतिध्वनि समूह प्रतियोगिता #9: अनमोल पाती भाई/ बहन के नाम